श्री रूद्र महायज्ञ एवं विराट संत सम्मेलन का आज षष्टम दिवस, कथा में माया और भक्ति का अंतर बताया


गोमती नदी स्थित पन्न घाट पर चल रहे श्री रूद्र महायज्ञ एवं विराट संत सम्मेलन का आज छठवां दिन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। यज्ञ स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और वेद मंत्रों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा।


              बाल व्यास आशीष पाण्डेय
कथा वाचन के दौरान बाल व्यास पंडित आशीष पाण्डेय ने “माया और भक्ति में अंतर” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि माया मनुष्य को संसार के मोह, लोभ और अहंकार में बांधती है, जबकि भक्ति मनुष्य को ईश्वर से जोड़कर आत्मिक शांति और मुक्ति का मार्ग दिखाती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि माया क्षणिक सुख देती है, लेकिन अंततः दुख का कारण बनती है, वहीं सच्ची भक्ति त्याग, समर्पण और प्रेम की भावना से जीवन को सार्थक बनाती है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भजन-कीर्तन में शामिल हुए।

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